Rahul Tripathi
शनिवार, 13 अप्रैल 2024
मतदेय स्थल पर मतदाताओं के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटा रहे अफसर
गुरुवार, 21 मार्च 2024
मिश्रिख लोकसभा से फिर सपा उम्मीदवार बदलने की चर्चाएं
राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर, मिश्रिख, बालामउ, मल्लावां और संडीला विधानसभाओं को जोड़कर बनी सुरक्षित मिश्रिख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की सुनामी को देख कांग्रेस पहले ही हथियार डाल चुकी है, जबकि सपा को उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने के लिए जमकर तेल मालिश की जरूरत पढ़ रही है, पहले पार्टी द्वारा रामपाल रामवंशी का नाम घोषित किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार भाजपा के उम्मीदवार व वर्तमान सांसद अशोक रावत से दूर का रिश्ता होने के कारण दबाब, प्रभाव और राजनैतिक सुझाव को देख भांप रामपाल रामवंशी बीमार पड़ गए उन्होंने अपने पुत्र मनोज कुमार रामवंशी को उम्मीवादवार बनाने की पेशकश कर दी थी, जिसके बाद पार्टी ने मनोज को उम्मीवादवार बनाने की सूची भी जारी कर दी, लेकिन नाते-रिश्तेदारी की चर्चाएं आम होने के बाद अब एकबार फिर से मिश्रिख लोकसभा से नया प्रत्याशी आने की सुगबुगाहट है। सूत्र बताते हैं कई दावेदार राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले हैं और अपनी उम्मीदवारी की पेशकश की है, अब देखना होगा की 13 मई 2024 को होने वाले मतदान से पहले क्या-क्या होता है। उधर 2019 में सपा और बसपा की संयुक्त प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी चुनाव के बाद कभी भी क्षेत्र में वोटरों का सुख दुख जानने-समझने या फिर क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर बिल्हौर नहीं पहुंची, लेकिन कानपुर-लखनऊ के कोआर्डीनेटर नौशाद खा द्वारा अभी पशोपेश में होने के कारण किसी भी उम्मीदवार का नाम बहन कु0 मायावती तक नहीं पहुंचा पाए हैं।
![]() |
| पार्टी समर्थकों संग कार्यालय में सपा प्रमुख अखिलेश यादव |
![]() |
| list elction2024 |
मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाग में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।
शनिवार, 16 मार्च 2024
डबल इंजन की सरकार एक सड़क पर श्रेय लेने के लिए आर पार
मिश्रिख लोकसभा से सपा प्रत्याशी ने चुनाव से पहले डाले हथियार, पुत्र मैदान में उतारने की चर्चाएं
राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के लिए सपा के घोषित प्रत्याशी रामपाल रामवंशी के बीमार होने और चुनाव प्रचार सहित जनसंपर्क न आरंभ होने से पार्टी पदाधिकारियों द्वारा उनके बीमार होने और चुनाव न लड़ने की चर्चाओं के बीच शुक्रवार को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनउ पार्टी कार्यालय पर मिश्रिख लोकसभा के संबंध में चर्चा की।
सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मिश्रिख लोकसभा को लेकर की चर्चा
बिल्हौर विधानसभा सहित मिश्रिख निर्वाचन क्षेत्र के प्रमुख सपाई रहे मौजूद
सपा कानपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ल ने बताया कि मिश्रिख लोकसभा के संडीला, बिलग्राम, बालामउ, मलावां, बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों से राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारी-बारी से चुनावों पर चर्चा की। चर्चा में घोषित प्रत्याशी रामपाल रामवंशी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पुत्र मनोज कुमार को टिकट देने की बात बैठक में रखी। इस पर पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और चुनाव समिति के लोगों ने जल्द से जल्द चर्चा कर आगे फैसला करने की बात कही है। अभी रामपाल रामवंशी ही मिश्रिख लोकसभा के सपा प्रत्याशी है, यदि बदलाव होगा जल्द ही वह बात भी अध्यक्ष जी द्वारा बता दी जाएगी।
![]() |
| 15 march 2024 मिश्रिख लोकसभा के पदाधिकारियों संग चर्चा करते अखिलेश यादव |
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सपा के घोषित प्रत्याशी रामपाल रामवंशी सत्ताधारी भाजपा के सांसद अशोक रावत के पारिवारिक रिश्तेदार हैं, जिसको लेकर दोनों परिवारों ने लंबे समय से उक्त चुनावों को लेकर असमंजस की स्थित हैं, लेकिन परिवारिक सूत्र बताते हैं कि आने वाले घंटों में उक्त समस्या का समाधान करलिया जाएगा। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सपा आलाकमान दो परिवारों में चुनावों को लेकर हो रही खींचतान पर पूरी नजर बनाए हैं और एक सत्ताधारी पार्टी की सांसद रही महिला के पति के संपर्क में हैं और लगातार दबाब प्रभाव का इस्तेमाल कर टिकट देने की बात सामने आ रही है।
----------------------------------------
मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाग में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।
शुक्रवार, 15 मार्च 2024
बिल्हौर में गुटबाजी-आंतरिक वर्चस्व, खींचातानी फेर में फंसे समर्थक-पदाधिकारी
मिश्रिख लोकसभा चुनावों में बिल्हौर में बड़ा दल बना आरोपों का दलदल
राहुल त्रिपाठी
हालत यहां तक आ गई है कि निर्वाचित प्रतिनिधि हो या फिर संगठन के पदाधिकारी सांसद और विधायक के गुटों में बटकर रह गए हैं और अपनी बुद्धि विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुंचकर हाजिरी लगा कानफूसी करते स्वयं को अपना हितैषी बता रहे हैं, ऐसे समर्थक सांसद सामने सांसद जैसी और विधायक के सामने विधायक जैसी बात करते आम हो रहे हैं। राजनैतिक पंडितों की मानें तो क्योंकि कांग्रेस, बसपा, सपा सहित अन्य राजनैतिक दलों ने अभी तक अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे नहीं हैं, इसलिए इसबार का चुनाव पूरी तरह एक तरफा ही होता दिख रहा है, ऐसे में लोकसभा चुनावों की खटास नतीजों का असर आने वाले चुनाव परिणामों पर कम अन्य चुनावों पर दिखाई पड़ने की बात भी सामने आ रही है। चर्चाएं तो यहां तक सांसद और विधायक के मध्य विकास कार्यों के पत्थर लगाने, सड़क बनवाने, मिट्टी खनन, ठेका सहित मुकदमें लिखवाने, अधिकारियों के तबादले करवाने, उच्चाधिकारियों द्वारा अनसुना करने, उच्चाधिकारियों द्वारा अपनी कुर्सी पर बिठाने सहित कई छोटी-छोटी बातों का द्वंद जारी है, देखना दिलचस्प होगा कि एक गुटबाजी कितने दिन तक क्या-क्या रंग खिलाती है।
-------------------------------------------------------------
मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाक में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।
------------
<script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4433627885847823"
crossorigin="anonymous"></script>
लोकसभा चुनाव:-आम चुनाव 2024 की खास बात
राहुल त्रिपाठी
विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रित उत्सव यानि लोकसभा 20245 चुनावों का बिगुल बज चुका है। नया दौर है नई उम्मीदे हैं यहीं कारण है पक्ष-विपक्ष और वोटर स्वयं को गौरवशाली महसूस कर रहे हैं। सत्ताधारी जहां बीते वर्षां में किए गए कार्यां और आगामी कार्यां को लेकर खुशी से लबरेज होते हुए गौरवांवित महसूस कर रहे हैं, वहीं विपक्षी भी विश्व में भारत के नए कीर्तिमान गढ़ने, साफ नीति-नियत व इसके लिए नई योजनाएं लांच करने वालों को कोसकर नई शक्ति पा रहे हैं, जबकि कई पिछलग्गू नेता अपनी सेटिंग के खेल में बिजी है, उनका आम, खास, जन-जनता से कोई लेना देना नहीं है।
तुलना की बात की जाए तो बीते वर्षों में मुख्य विपक्षी दल जनता के मुद्दे उठाने के लिए सड़क से संसद तक नहीं दिखा, ऐसे में सत्ताधारी दल के कई बड़े-बड़े काम ही जनता को याद है और आने वाले वर्षों में उम्मीदें भी लगाए है। आपसी खींचतान में दल से दलदल बने सत्ताहीन दल जनता के सरोकारों से दूर होकर अपना अस्तिव ही खोज रहे हैं, जबकि सत्ताधारी ने राशन, पेंशन, सम्मान सहित धर्म की कई नीतियों से जन-जन में अपनी गहरी पकड़ बना ली है।
सबसे गौर करने वाला तथ्य यह है कि केंद्र और राज्य में राजनीति करने वाले नेता खुलकर अपना विरोध भी जनता के सामने नहीं कर पा रहे, जबकि जनता की समस्याएं जस की तस बनी हैं, लेकिन बड़े-बड़े कामों में छोटी-छोटी उम्मीदें कोने में दबी पड़ी हैं, दो वर्गां के बीच खाईं में तरह-तरह के घी डालने वाले भी सक्रिय होकर वोट बैंक पक्का कर रहे हैं।
वोटर भी अब संतोषी हो गया है, वह भी इधर-उधर के चक्कर से दूर फ्री मोबाइल डाटा और टीवी आदि में स्वयं को बिजी किए हैं और समय पर और अफसरों के जागने पर जरूरी काम हो जाने की आस में लगाए है।
मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है।
----------------
<script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4433627885847823"
crossorigin="anonymous"></script>
चुनाव से पहले ही सपा लोकसभा प्रत्याशी की तबीयत खराब
चुनाव न लड़ पाने की चर्चाएं, राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे मंथन
राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा चुनावों के पहले ही समाजवादी पार्टी द्वारा घोषित मिश्रिख लोकसभा उम्मीदवार रामपाल रामवंशी की तबीयत बिगड़ गई हैं, इस कारण उनके चुनाव न लड़ पाने की भी चर्चाएं हैं। चुनाव से ठीक पहले घोषित उम्मीदवार की तबीयत बिगड़ जाने व चुनाव न लड़ पाने की जानकारी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मिश्रिख लोकसभा से जुड़े पार्टी पदाधिकारियों की विशेष बैठक लखनउ में बुलाई है। सपा कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ल ने बताया कि पार्टी आलाकमान द्वारा मिश्रिख लोकसभा से रामपाल रामवंशी को उम्मीदवार घोषित किया गया है, लेकिन बीते कई दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब होने से वह लखनउ में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई। पार्टी केवरिष्ठजनों द्वारा उनके परिजनों ने बताया कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह इसबार चुनाव नहीं लड़ेगे। उधर रामपाल रामवंशी की हालत खराब होने और हास्पिटल में भर्ती होने की सूचना पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 मार्च को लखनउ पार्टी मुख्यालय पर मिश्रिख लोकसभा के संबंध में विशेष बैठक बुलाई है, उम्मीद है कल ही नए प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो सकती है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा से फिर से सपा में शामिल हुए शिवकुमार बेरिया, रचना सिंह सहित पूर्व मंत्री अनिल कुमार वर्मा, अशोक कुमार वर्मा, सुधीर पासी सहित मिश्रिख लोकसभा से सत्ताधारी पार्टी की एक महिला सांसद की भी चर्चाएं हैं।
-------------------------------------------------------------
मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाग में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।
मतदेय स्थल पर मतदाताओं के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटा रहे अफसर
- इसबार आम चुनावों में 4 लाख से अधिक वोटर अपने वोट कर चुनेंगे सरकार Rahul Tripathi बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा के अंर्तगत आने वाले बिल्हौर वि...
-
मिश्रिख लोकसभा चुनावों में बिल्हौर में बड़ा दल बना आरोपों का दलदल राहुल त्रिपाठी चुनाव आए और राजनैतिक दलों और छोटे-बड़े नेताओं में खींचतान न ह...
-
राहुल त्रिपाठी बिल्हौर, मिश्रिख, बालामउ, मल्लावां और संडीला विधानसभाओं को जोड़कर बनी सुरक्षित मिश्रिख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की सु...
-
चुनाव न लड़ पाने की चर्चाएं, राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे मंथन राहुल त्रिपाठी बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा चुनावों के पहले ही समाजवादी पार्टी द्वारा...





.jpg)