गुरुवार, 21 मार्च 2024

मिश्रिख लोकसभा से फिर सपा उम्मीदवार बदलने की चर्चाएं



राहुल त्रिपाठी

बिल्हौर, मिश्रिख, बालामउ, मल्लावां और संडीला विधानसभाओं को जोड़कर बनी सुरक्षित मिश्रिख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की सुनामी को देख कांग्रेस पहले ही हथियार डाल चुकी है, जबकि सपा को उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने के लिए जमकर तेल मालिश की जरूरत पढ़ रही है, पहले पार्टी द्वारा रामपाल रामवंशी का नाम घोषित किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार भाजपा के उम्मीदवार व वर्तमान सांसद अशोक रावत से दूर का रिश्ता होने के कारण दबाब, प्रभाव और राजनैतिक सुझाव को देख भांप रामपाल रामवंशी बीमार पड़ गए उन्होंने अपने पुत्र मनोज कुमार रामवंशी को उम्मीवादवार बनाने की पेशकश कर दी थी, जिसके बाद पार्टी ने मनोज को उम्मीवादवार बनाने की सूची भी जारी कर दी, लेकिन नाते-रिश्तेदारी की चर्चाएं आम होने के बाद अब एकबार फिर से मिश्रिख लोकसभा से नया प्रत्याशी आने की सुगबुगाहट है। सूत्र बताते हैं कई दावेदार राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले हैं और अपनी उम्मीदवारी की पेशकश की है, अब देखना होगा की 13 मई 2024 को होने वाले मतदान से पहले क्या-क्या होता है। उधर 2019 में सपा और बसपा की संयुक्त प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी चुनाव के बाद कभी भी क्षेत्र में वोटरों का सुख दुख जानने-समझने या फिर क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर बिल्हौर नहीं पहुंची, लेकिन कानपुर-लखनऊ के कोआर्डीनेटर नौशाद खा द्वारा अभी पशोपेश में होने के कारण किसी भी उम्मीदवार का नाम बहन कु0 मायावती तक नहीं पहुंचा पाए हैं।

पार्टी समर्थकों संग कार्यालय में सपा प्रमुख अखिलेश यादव

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मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा 

नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाग में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।


शनिवार, 16 मार्च 2024

डबल इंजन की सरकार एक सड़क पर श्रेय लेने के लिए आर पार

राहुल त्रिपाठी 
अभी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हुए कुछ ही घंटे बीते हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग के अधिकारियों की सूचना जारी करने के दौरान ही क्षेत्र में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति और काम चालू करने की होड मची हुई है। बीते वर्षों में बिठूर खेरेश्वर मार्ग जिसे क्षेत्रीय लोग मैनावती मार्ग से भी जानते हैं वह ओवरलोड मिट्टी खनन करने वाले डंपरों से पूरी तरह टूट गई थी। जिसको लेकर स्थानीय लोग सत्ताधारियों पर तरह-तरह के आरोप भी लगाते नहीं थक रहे है। सड़क खराब होने से हजारों लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतें भी होती थी। अब इस सड़क की स्वीकृत सरकार द्वारा कर दी गई है करीब 43 करोड रुपए से 15 किलोमीटर लंबे मार्ग बनाया जाना है, लेकिन निर्माण काम शुरू होने से पहले ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों में इसके लिए भारी भरकम बजट आवंटित करने का श्रेय लेने की हलचल है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिल्हौर विधानसभा के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल खेरेश्वर को जोड़ने वाली मुख्य मैनावती मार्ग की सड़क निर्माण की स्वीकृत भी आ गई है । इस सड़क के निर्माण के लिए क्षेत्रीय सांसद अशोक रावत और बिल्हौर विधायक मोहित उर्फ राहुल बच्चा सोनकर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं सार्वजनिक सभा में श्रेय लेने की रस्साकशी है।
वहीं अधिकारी बताते हैं कि दोनों ही जन प्रतिनिधियों के द्वारा स्थानीय समर्थकों ग्रामीणों की मांग पर खेरेश्वर बिठूर संपर्क मार्ग जिसे मैनावटी मार्ग भी कहते हैं उसके निर्माण के लिए पत्र लिखे गए और पैरवी भी की गई। मंत्री जतिन प्रसाद से भी उक्त दोनों लोगों ने समय-समय पर सड़क निर्माण के लिए पहल की। लेकिन चुनावी समर के बीच उक्त दोनों के समर्थक खुलकर श्रेय लेने के लिए वर्चस्व की लड़ाई से जूझ रहे हैं। इसी वर्चस्व की लड़ाई में बीते कई कार्यक्रमों में दोनों ने मंच भी शेयर नहीं किया है।
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मैं पूरे लोकसभा निर्वाचन के दौरान आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा। आप मार्गदर्शन करके कमेंट करके और मुझे फॉलो करके उत्साहवर्धन करते रहें।

नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाग में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।

Call:-9305029350

मिश्रिख लोकसभा से सपा प्रत्याशी ने चुनाव से पहले डाले हथियार, पुत्र मैदान में उतारने की चर्चाएं

राहुल त्रिपाठी

बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के लिए सपा के घोषित प्रत्याशी रामपाल रामवंशी के बीमार होने और चुनाव प्रचार सहित जनसंपर्क न आरंभ होने से पार्टी पदाधिकारियों द्वारा उनके बीमार होने और चुनाव न लड़ने की चर्चाओं के बीच शुक्रवार को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनउ पार्टी कार्यालय पर मिश्रिख लोकसभा के संबंध में चर्चा की।

सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मिश्रिख लोकसभा को लेकर की चर्चा

बिल्हौर विधानसभा सहित मिश्रिख निर्वाचन क्षेत्र के प्रमुख सपाई रहे मौजूद

सपा कानपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ल ने बताया कि मिश्रिख लोकसभा के संडीला, बिलग्राम, बालामउ, मलावां, बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों से राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बारी-बारी से चुनावों पर चर्चा की। चर्चा में घोषित प्रत्याशी रामपाल रामवंशी ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पुत्र मनोज कुमार को टिकट देने की बात बैठक में रखी। इस पर पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और चुनाव समिति के लोगों ने जल्द से जल्द चर्चा कर आगे फैसला करने की बात कही है। अभी रामपाल रामवंशी ही मिश्रिख लोकसभा के सपा प्रत्याशी है, यदि बदलाव होगा जल्द ही वह बात भी अध्यक्ष जी द्वारा बता दी जाएगी। 

15 march 2024 मिश्रिख लोकसभा के पदाधिकारियों संग चर्चा करते अखिलेश यादव

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सपा के घोषित प्रत्याशी रामपाल रामवंशी सत्ताधारी भाजपा के सांसद अशोक रावत के पारिवारिक रिश्तेदार हैं, जिसको लेकर दोनों परिवारों ने लंबे समय से उक्त चुनावों को लेकर असमंजस की स्थित हैं, लेकिन परिवारिक सूत्र बताते हैं कि आने वाले घंटों में उक्त समस्या का समाधान करलिया जाएगा। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सपा आलाकमान दो परिवारों में चुनावों को लेकर हो रही खींचतान पर पूरी नजर बनाए हैं और एक सत्ताधारी पार्टी की सांसद रही महिला के पति के संपर्क में हैं और लगातार दबाब प्रभाव का इस्तेमाल कर टिकट देने की बात सामने आ रही है।

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शुक्रवार, 15 मार्च 2024

बिल्हौर में गुटबाजी-आंतरिक वर्चस्व, खींचातानी फेर में फंसे समर्थक-पदाधिकारी

मिश्रिख लोकसभा चुनावों में बिल्हौर में बड़ा दल बना आरोपों का दलदल


राहुल त्रिपाठी

चुनाव आए और राजनैतिक दलों और छोटे-बड़े नेताओं में खींचतान न हो ऐसा कम ही होता हैं। अब जब लोकसभा चुनावों की सरगर्मी है' ऐसे में मिश्रिख लोकसभा की सुरक्षित 209 बिल्हौर विधानसभा में भी किचकिच है। पूरा माजरा मिश्रिख लोकसभा की एक महिला पूर्व सांसद के इर्दगिर्द का है, अभी जब तक सत्ताधारी पार्टी के आलाकमान ने लोकसभा प्रत्याशियों के टिकट फाइनल नहीं की थी तो बिल्हौर विधानसभा में टिकट दिलाने, मिलने और स्वयं को बढ़ा दिखाने के लिए पार्टी के अंदर जमकर गुटबाजी थी, आरोप प्रत्यारोप के दौर चल रहे थे, न जाने कितने उम्मीदवारों के बैनर, पोस्टर चौराहों पर चस्पा कर दिए गए और नीचे समर्थकों की फोटो उनकी शोभा भी बढ़ाने लगे। टिकट मिलने का दम भरने वाले उम्मीदवारों ने लेट नाइट पार्टी हो या फिर कथित बड़े पदाधिकारियों को उपहार देने में कोई कसर नहीं रखी, लेकिन बीते 3 मार्च 2024 को मिश्रिख लोकसभा की टिकट सिटिंग सांसद को हो जाने के बाद मामला पेचीदा हो गया है। 
                          

हालत यहां तक आ गई है कि निर्वाचित प्रतिनिधि हो या फिर संगठन के पदाधिकारी सांसद और विधायक के गुटों में बटकर रह गए हैं और अपनी बुद्धि विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुंचकर हाजिरी लगा कानफूसी करते स्वयं को अपना हितैषी बता रहे हैं, ऐसे समर्थक सांसद सामने सांसद जैसी और विधायक के सामने विधायक जैसी बात करते आम हो रहे हैं। राजनैतिक पंडितों की मानें तो क्योंकि कांग्रेस, बसपा, सपा सहित अन्य राजनैतिक दलों ने अभी तक अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे नहीं हैं, इसलिए इसबार का चुनाव पूरी तरह एक तरफा ही होता दिख रहा है, ऐसे में लोकसभा चुनावों की खटास नतीजों का असर आने वाले चुनाव परिणामों पर कम अन्य चुनावों पर दिखाई पड़ने की बात भी सामने आ रही है। चर्चाएं तो यहां तक सांसद और विधायक के मध्य विकास कार्यों के पत्थर लगाने, सड़क बनवाने, मिट्टी खनन, ठेका सहित मुकदमें लिखवाने, अधिकारियों के तबादले करवाने, उच्चाधिकारियों द्वारा अनसुना करने, उच्चाधिकारियों द्वारा अपनी कुर्सी पर बिठाने सहित कई छोटी-छोटी बातों का द्वंद जारी है, देखना दिलचस्प होगा कि एक गुटबाजी कितने दिन तक क्या-क्या रंग खिलाती है।
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लोकसभा चुनाव:-आम चुनाव 2024 की खास बात



राहुल त्रिपाठी

विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रित उत्सव यानि लोकसभा 20245 चुनावों का बिगुल बज चुका है। नया दौर है नई उम्मीदे हैं यहीं कारण है पक्ष-विपक्ष और वोटर स्वयं को गौरवशाली महसूस कर रहे हैं। सत्ताधारी जहां बीते वर्षां में किए गए कार्यां और आगामी कार्यां को लेकर खुशी से लबरेज होते हुए गौरवांवित महसूस कर रहे हैं, वहीं विपक्षी भी विश्व में भारत के नए कीर्तिमान गढ़ने, साफ नीति-नियत व इसके लिए नई योजनाएं लांच करने वालों को कोसकर नई शक्ति पा रहे हैं, जबकि कई पिछलग्गू नेता अपनी सेटिंग के खेल में बिजी है, उनका आम, खास, जन-जनता से कोई लेना देना नहीं है।



तुलना की बात की जाए तो बीते वर्षों में मुख्य विपक्षी दल जनता के मुद्दे उठाने के लिए सड़क से संसद तक नहीं दिखा, ऐसे में सत्ताधारी दल के कई बड़े-बड़े काम ही जनता को याद है और आने वाले वर्षों में उम्मीदें भी लगाए है। आपसी खींचतान में दल से दलदल बने सत्ताहीन दल जनता के सरोकारों से दूर होकर अपना अस्तिव ही खोज रहे हैं, जबकि सत्ताधारी ने राशन, पेंशन, सम्मान सहित धर्म की कई नीतियों से जन-जन में अपनी गहरी पकड़ बना ली है।

सबसे गौर करने वाला तथ्य यह है कि केंद्र और राज्य में राजनीति करने वाले नेता खुलकर अपना विरोध भी जनता के सामने नहीं कर पा रहे, जबकि जनता की समस्याएं जस की तस बनी हैं, लेकिन बड़े-बड़े कामों में छोटी-छोटी उम्मीदें कोने में दबी पड़ी हैं, दो वर्गां के बीच खाईं में तरह-तरह के घी डालने वाले भी सक्रिय होकर वोट बैंक पक्का कर रहे हैं।

वोटर भी अब संतोषी हो गया है, वह भी इधर-उधर के चक्कर से दूर फ्री मोबाइल डाटा और टीवी आदि में स्वयं को बिजी किए हैं और समय पर और अफसरों के जागने पर जरूरी काम हो जाने की आस में लगाए है।

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चुनाव से पहले ही सपा लोकसभा प्रत्याशी की तबीयत खराब



चुनाव न लड़ पाने की चर्चाएं, राष्ट्रीय अध्यक्ष   करेंगे मंथन

राहुल त्रिपाठी

बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा चुनावों के पहले ही समाजवादी पार्टी द्वारा घोषित मिश्रिख लोकसभा उम्मीदवार रामपाल रामवंशी की तबीयत बिगड़ गई हैं, इस कारण उनके चुनाव न लड़ पाने की भी चर्चाएं हैं। चुनाव से ठीक पहले घोषित उम्मीदवार की तबीयत बिगड़ जाने व चुनाव न लड़ पाने की जानकारी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मिश्रिख लोकसभा से जुड़े पार्टी पदाधिकारियों की विशेष बैठक लखनउ में बुलाई है। सपा कानपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष मुनींद्र शुक्ल ने बताया कि पार्टी आलाकमान द्वारा मिश्रिख लोकसभा से रामपाल रामवंशी को उम्मीदवार घोषित किया गया है, लेकिन बीते कई दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब होने से वह लखनउ में भर्ती हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई। पार्टी केवरिष्ठजनों द्वारा उनके परिजनों ने बताया कि स्वास्थ्य को देखते हुए वह इसबार चुनाव नहीं लड़ेगे। उधर रामपाल रामवंशी की हालत खराब होने और हास्पिटल में भर्ती होने की सूचना पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 मार्च को लखनउ पार्टी मुख्यालय पर मिश्रिख लोकसभा के संबंध में विशेष बैठक बुलाई है, उम्मीद है कल ही नए प्रत्याशी के नाम की घोषणा हो सकती है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा से फिर से सपा में शामिल हुए शिवकुमार बेरिया, रचना सिंह सहित पूर्व मंत्री अनिल कुमार वर्मा, अशोक कुमार वर्मा, सुधीर पासी सहित मिश्रिख लोकसभा से सत्ताधारी पार्टी की एक महिला सांसद की भी चर्चाएं हैं।




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मतदेय स्थल पर मतदाताओं के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटा रहे अफसर

- इसबार आम चुनावों में 4 लाख से अ​​धिक वोटर अपने वोट कर चुनेंगे सरकार  Rahul Tripathi बिल्हौर। मिश्रिख लोकसभा के अंर्तगत आने वाले बिल्हौर वि...