राहुल त्रिपाठी
बिल्हौर, मिश्रिख, बालामउ, मल्लावां और संडीला विधानसभाओं को जोड़कर बनी सुरक्षित मिश्रिख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की सुनामी को देख कांग्रेस पहले ही हथियार डाल चुकी है, जबकि सपा को उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारने के लिए जमकर तेल मालिश की जरूरत पढ़ रही है, पहले पार्टी द्वारा रामपाल रामवंशी का नाम घोषित किया, लेकिन सूत्रों के अनुसार भाजपा के उम्मीदवार व वर्तमान सांसद अशोक रावत से दूर का रिश्ता होने के कारण दबाब, प्रभाव और राजनैतिक सुझाव को देख भांप रामपाल रामवंशी बीमार पड़ गए उन्होंने अपने पुत्र मनोज कुमार रामवंशी को उम्मीवादवार बनाने की पेशकश कर दी थी, जिसके बाद पार्टी ने मनोज को उम्मीवादवार बनाने की सूची भी जारी कर दी, लेकिन नाते-रिश्तेदारी की चर्चाएं आम होने के बाद अब एकबार फिर से मिश्रिख लोकसभा से नया प्रत्याशी आने की सुगबुगाहट है। सूत्र बताते हैं कई दावेदार राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले हैं और अपनी उम्मीदवारी की पेशकश की है, अब देखना होगा की 13 मई 2024 को होने वाले मतदान से पहले क्या-क्या होता है। उधर 2019 में सपा और बसपा की संयुक्त प्रत्याशी नीलू सत्यार्थी चुनाव के बाद कभी भी क्षेत्र में वोटरों का सुख दुख जानने-समझने या फिर क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर बिल्हौर नहीं पहुंची, लेकिन कानपुर-लखनऊ के कोआर्डीनेटर नौशाद खा द्वारा अभी पशोपेश में होने के कारण किसी भी उम्मीदवार का नाम बहन कु0 मायावती तक नहीं पहुंचा पाए हैं।
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| पार्टी समर्थकों संग कार्यालय में सपा प्रमुख अखिलेश यादव |
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| list elction2024 |
मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
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