मिश्रिख लोकसभा चुनावों में बिल्हौर में बड़ा दल बना आरोपों का दलदल
राहुल त्रिपाठी
चुनाव आए और राजनैतिक दलों और छोटे-बड़े नेताओं में खींचतान न हो ऐसा कम ही होता हैं। अब जब लोकसभा चुनावों की सरगर्मी है' ऐसे में मिश्रिख लोकसभा की सुरक्षित 209 बिल्हौर विधानसभा में भी किचकिच है। पूरा माजरा मिश्रिख लोकसभा की एक महिला पूर्व सांसद के इर्दगिर्द का है, अभी जब तक सत्ताधारी पार्टी के आलाकमान ने लोकसभा प्रत्याशियों के टिकट फाइनल नहीं की थी तो बिल्हौर विधानसभा में टिकट दिलाने, मिलने और स्वयं को बढ़ा दिखाने के लिए पार्टी के अंदर जमकर गुटबाजी थी, आरोप प्रत्यारोप के दौर चल रहे थे, न जाने कितने उम्मीदवारों के बैनर, पोस्टर चौराहों पर चस्पा कर दिए गए और नीचे समर्थकों की फोटो उनकी शोभा भी बढ़ाने लगे। टिकट मिलने का दम भरने वाले उम्मीदवारों ने लेट नाइट पार्टी हो या फिर कथित बड़े पदाधिकारियों को उपहार देने में कोई कसर नहीं रखी, लेकिन बीते 3 मार्च 2024 को मिश्रिख लोकसभा की टिकट सिटिंग सांसद को हो जाने के बाद मामला पेचीदा हो गया है।
हालत यहां तक आ गई है कि निर्वाचित प्रतिनिधि हो या फिर संगठन के पदाधिकारी सांसद और विधायक के गुटों में बटकर रह गए हैं और अपनी बुद्धि विवेक का इस्तेमाल करते हुए ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में पहुंचकर हाजिरी लगा कानफूसी करते स्वयं को अपना हितैषी बता रहे हैं, ऐसे समर्थक सांसद सामने सांसद जैसी और विधायक के सामने विधायक जैसी बात करते आम हो रहे हैं। राजनैतिक पंडितों की मानें तो क्योंकि कांग्रेस, बसपा, सपा सहित अन्य राजनैतिक दलों ने अभी तक अपने प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे नहीं हैं, इसलिए इसबार का चुनाव पूरी तरह एक तरफा ही होता दिख रहा है, ऐसे में लोकसभा चुनावों की खटास नतीजों का असर आने वाले चुनाव परिणामों पर कम अन्य चुनावों पर दिखाई पड़ने की बात भी सामने आ रही है। चर्चाएं तो यहां तक सांसद और विधायक के मध्य विकास कार्यों के पत्थर लगाने, सड़क बनवाने, मिट्टी खनन, ठेका सहित मुकदमें लिखवाने, अधिकारियों के तबादले करवाने, उच्चाधिकारियों द्वारा अनसुना करने, उच्चाधिकारियों द्वारा अपनी कुर्सी पर बिठाने सहित कई छोटी-छोटी बातों का द्वंद जारी है, देखना दिलचस्प होगा कि एक गुटबाजी कितने दिन तक क्या-क्या रंग खिलाती है।
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मैं पूरे चुनाव भर आपसे जुड़कर आपको सक्रिय रखूंगा
नोटः- उक्त ब्लाग के विचार निजी हैं और इसका किसी राजनैतिक दल, व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, साथ ही इसमें सदैव बदलाव, सुझाव की गुंजाइश है। ब्लाक में आए तथ्य बातचीत और चर्चाओं पर आधारित है।
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